जी हां, बच्चों को दें एक पॅट का साथ


Photo: Dreamstime

Photo: Dreamstime

अगर आप अपने बच्चों द्वारा की जा रही नये पपी की मांग से परेशान हैं या घर में नया पॅट लाने की सोच रहे हैं तो जान लीजिए कि उस नये पॅट की क्यूटनेस और दोस्ती के अलावा भी उसके कई फायदे हैं। यह माना गया है कि बच्चे अगर पॅट के साथ बड़े होते हैं तो उनका मानसिक विकास अच्छा होता है और भावनात्मक तनाव व चिंता जैसी समस्याओं पर काफी हद तक लगाम लगती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि पॅट्स के आसपास होने से बच्चों में सुरक्षा की भावना और प्रेम जताने व करने की कला विकसित होती है, भले ही वह बोलकर न हो।

एक कुत्ता या बिल्ली खेलकर या चाटकर अपना स्नेह दर्शा सकते हैं, इसी तरह बच्चा भी जानवर से अपना प्रेम संबंध बना लेता है। यह संबंध इसलिए असरकारी और मन को शांति देने वाला होता है क्योंकि इसमें भाषा आड़े नहीं आती और अभिव्यक्ति के सही तरीके चुनने का कोई दबाव नहीं होता।

इसी तरह से, पॅट भी बच्चों को निराशा या न बता पाने वाले तनाव से मुक्त कर शांत कर सकता है। अक्सर देखा जाता है कि बच्चे दूसरे बच्चों को भला-बुरा कहते हैं लेकिन वे अपनी ही असुरक्षा की भावना से निजात पा रहे होते हैं। एक जानवर से दोस्ती के कारण एक तनावग्रस्त बच्चा अपनी तकलीफ या डर के बारे में अपने पॅट से बात कर सकता है बिना यह सोचे कि उसे कुछ समझाया जाएगा या उसे खराब कहा जाएगा। यह बच्चों को यह भी सिखाता है कि बेहतर महसूस करने के लिए अपनी नकारात्मकता दूसरों पर नहीं डालना चाहिए।

अपने पॅट की देखभाल करने से बच्चों में ज़िम्मेदारी और समझ विकसित होती है। बच्चे सीखते हैं कि एक जीव की देखभाल करने के लिए कुछ योजनाएं बनायी जाती हैं, ध्यान रखा जाता है और कभी-कभी कुछ त्याग किये जाते हैं। छोटे बच्चे पॅट के लिए पानी या भोजन उसके बर्तन में रख सकते हैं और बड़े बच्चे उसको नहलाने और घुमाने में मदद कर सकते हैं। बच्चे पॅट के एक्शन से उसकी ज़रूरत को समझना औश्र उसे पूरा करना सीखते हैं। उदाहरण के लिए, बच्चा सीखता है कि कब उसका पॅट डरा हुआ महसूस कर रहा है और उसे कैसे ठीक करना है, कब उसे भूख लगी है या कब वह घूमना चाहता है। इससे बच्चों में दया का गुण भी विकसित होता है।

जानवरों के कारण बच्चों का वर्बल कम्युनिकेशन भी सुधरता है। बच्चे बक्सर कुत्तों, बिल्लियों या पक्षियों के साथ आवाज़ें निकालकर या बात कर कम्युनिकेट करते हैं। तो पॅट के कारण बच्चों में लगातार बोलने की आदत पड़ती है। और हां, कई अध्ययनों में कुछ और बातें पता चली हैं जैसे पॅट के साथ जीने से रक्तचाप कम होता है, तनाव कम होता है और बीमारियों से ठीक जल्दी हुआ जा सकता है। यह बच्चों के साथ ही बड़ों के लिए भी फायदेमंद है।

यदि आप इस लेख में दी गई सूचना की सराहना करते हैं तो कृप्या फेसबुक पर हमारे पेज को लाइक और शेयर करें, क्योंकि इससे औरों को भी सूचित करने में मदद मिलेगी ।

Leave a comment

Your email address will not be published.