पपी को घर के कायदे सिखाना


Photo: Andrew Warren | Flickr

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पपी को रोज़मर्रा की बातें सिखाना एक अनुशासन का पालन करने और सकारात्मक सहयोग करने का काम है। यह अच्छा समय है कि आप अपने कुत्ते को समझ सकते हैं। याद रखिये आपका कुत्ता एक रात में समझदार नहीं हो जाएगा। आपको धैर्य रखना होगा। कुछ कुत्ते घर के कायदे व माहौल को दो माह में भी समझ सकते हैं लेकिन आम तौर चार से छह महीने का समय लगता है। कुछ कुत्तों को पूरी तरह प्रशिक्षित होने में एक साल भी लग सकता है। इस दौरान अच्छी बात यह है कि आपको डायपर के झंझट में नहीं पड़ना होता।

औश्र बुरी खबर यह है कि डायपर का इस्तेमाल आप कर भी नहीं सकते। जब आपका कुत्ता 12 हफ्ते का होता है तब वह अपने मल मूत्र पर नियंत्रण करने में सक्षम हो पाता है। सलाह दी जाती है कि इस समय से या पपी को घर लाने के समय से ही उसकी ट्रेनिंग शुरू करें। 12 हफ्ते से ज़्यादा उम्र के कुत्तों में कुछ आदतें पड़ जाती हैं जिन्हें दूर करने में काफी वक्त लग सकता है।

इसकी शुरुआत अपने कुत्ते के लिए एक अलग स्थान बनाकर करें। पालतू पशु अपने आराम की जगह को अक्सर गंदा नहीं करते इसलिए उन्हें किसी अलग क्रेट, अलग कमरे या स्थान पर रखें और उन्हें नियमित रूप से बाहर ले जाएं ताकि वे अपने नित्य कर्म कर लें और घर के कायदे समझें। जब आपका कुत्ता अपना रूटीन समझ जाये यानी कुछ ट्रेंड हो जाये तो आप उसे घर के और स्थानों पर उसे जाने दे सकते हैं।

कुत्ते को ट्रेंड करने के दौरान उसका एक रूटीन बनाना ज़रूरी है। बेहतर यह है कि सुबह उठते ही आप उसे बाहर ले जाएं। इसके बाद उसे समय-समय पर बाहर ले जाएं ताकि वह मल-मूत्र त्याग करता रहे। उसके सोकर उठने के बाद, भोजन के बाद, सोने से पहले उसे बाहर ले जाएं तो घर गंदा होने का मौका कम रहेगा। कभी-कभी वह आपको इसके लिए इशारा भी कर सकता है जैसे रोकर, बेचैन होकर, गोल-गोल घूमकर या भैंककर, इन संकेतों को समझें।

कुत्ते आदत बनाने वाले प्राणी हैं जो सूंघकर पहचान बनाते हैं। इसलिए नित्य कर्म के लिए उन्हें एक निश्चित स्थान पर ले जाएं ताकि वह उस स्थान और वहां किये जाने वाले नित्य कर्म के बीच सामंजस्य बना सके। जब वह अपना नित्य कर्म सही समय और सही स्थान पर करे तो उसे प्रोत्साहित करने के लिए पुरस्कार स्वरूप कोई च्यू सिटक, कोई खेलने की चीज़ या तारीफ के शब्द दें। यह सकारात्मकता आपके कुत्ते को जल्दी ट्रेंड होने में मददगार साबित हो सकती है।

धैर्य रखें। एक साल से कम उम्र के कुत्ते कभी-कभी अगर घर गंदा करते हैं तो नाराज़ न हों और उन्हें सज़ा न दें। वे अक्सर यह समझ नहीं पाते कि आपके गुस्से की वजह क्या है। गंदगी को अच्छे से साफ करें ताकि आपका कुत्ता उस दुर्गंध को सूंघ न सके। अगर आपका कुत्ता नहीं सीख रहा है तो अपने पशु चिकित्सक की सलाह लें, हो सकता है कि वह किसी बीमारी या दिक्कत का शिकार हो।

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