कुत्तों से एलर्जी हो तो क्या करें


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अगर आप आपने घर में एक कुत्ता पालने की सोच रहे हैं और आपको या परिवार के किसी सदस्य को कुत्ते के कारण छींकना, नाक में बेचैनी या स्पर्श से रैशेज़ की समस्या होती है तो समझिए कि यह कुत्तों से एलर्जी है। कई लोगों को गलतफहमी होती है कि यह कुत्तों के बालों के कारण होता है या किसी खास नस्ल के कुत्तों के कारण, जबकि एलर्जी के कारणों में फर और नस्ल बहुत कम भूमिका रखते हैं।

जब लोगों में एक खास किस्म के प्रोटीन के प्रति प्रतिरोधी तंत्र की प्रतिक्रिया विकसित हो जाती है तब पैट एलर्जी होती है। ये प्रोटीन सभी बड़े जैविक अणुओं की तरह हैं जिन्हें सभी जीव पैदा करते हैं। मानव शरीर में इस तरह की प्रतिक्रिया होती है कि जिस स्थान पर ये प्रोटीन प्रवेश करते हैं, वहां शरीर एंटीबॉडीज़ भेजता है। ये स्थान आम तौर से नाक या नथुने होते हैं और इसी कारण से एलर्जी के लक्षण दिखते हैं। अगर ये प्रोटीन फेफड़ों में प्रवेश कर जाएं तो अस्थमा तक हो सकता है।

परेशानी पैदा करने वाले ये प्रोटीन कुत्तों की त्वचा कोशिकाओं, लार और मूत्र में पोय जाते हैं। जब त्वचा कोशिकाएं मृत हो जाती हैं और शरीर से छूटती हैं तो डैंडर यानी अतिसूक्ष्म कण के रूप में हवा में और ज़मीन के साथ ही, घर के सोफे, बिस्तर, परदे और अन्य कपड़ों पर बिखरे होते हैं। कुत्ता जब अपने फर चाटता है तो ये प्रोटीन उसके बालों में पहुंच जाते हैं और बालों के सूखने या झड़ने पर ये हवा के साथ फैलते हैं। हवा में इन प्रोटीन के मिले होने के कारण लोगों को एलर्जी हो सकती है, उस पालतू जानवर के घर से जाने के कुछ समय बाद तक भी।

कुत्तों के कारण होने वाली एलर्जी और उसके गंभीर परिणामों से बचाव के अनेक उपाय हैं, कुत्ते को घर से बाहर निकाले बिना भी इससे बचा जा सकता है। और तो और, अगर कुत्ते के कारण किसी को अस्थमा या सांस की कोई गंभीर शिकायत हो रही हो तो उसे कुत्ते से तुरंत दूर हो जाना चाहिए और फिर इन बातों पर ध्यान देना चाहिए।

  • पहला असरदार तरीका तो यह है कि हवा से डैंडर का मिटाने के लिए एयर प्यूरीफायर का प्रयोग करें जैसे कि हाई एफिशिएन्सी पार्टिकुलेट एयर लेबल वाले फिल्टर। जब यह खरीदने जाएं तो दुकानदार को अपनी ज़रूरत के बारे में स्पष्ट रूप से बताएं और अपने घर के आकार के हिसाब से डिवाइस खरीदें।
  • अपने कुत्ते को नियमित रूप से नहलाएं, सप्ताह में कम से कम एक बार ज़रूर। कुत्ते के बिस्तर और खिलौने आदि भी सप्ताह में एक बार ज़रूर धोएं।
  • अपने कुत्ते के बाल रोज़ाना ब्रश करें। घर के बाहर या किसी हवादार जगह पर। ब्रश करने से डैंडर से छुटकारा मिल सकता हे। उसके बालों को ठीक से संवार कर रखें और हो सके तो छोटे भी।
  • अपने कुत्ते को सख्ती से अपने बेडरूम के बाहर ही रखें। यह परिवार में सभी की रात की पूरी नींद के लिए ज़रूरी है।
  • घर में रोज़ाना डस्टिंग और ठीक साफ-सफाई करें ताकि ज़मीन पर कारपेट या परदों आदि पर डैंडर न रहे। अपने घर की खिड़कियों को राज़ाना खोलें ताकि आपके घर की हवा ताज़ा होती रहे। ठीक वेंटिलेशन के अभाव में डैंडर के बढ़ने की आशंका रहती है।
  • कुत्ते के स्पर्श के बाद हाथ धोने और उसके मुंह से अपना चेहरा या आंखें सटाने से परहेज़ की आदतें डालें। यह आपके स्वास्थ्य के लिए ज़रूरी है।
  • अपने कुत्ते को अपना चेहरा न चाटने दें।

इसके अलावा एलर्जी होने पर मेडिकल ट्रीटमेंट भी मददगार होते हैं जैसे एंटिहिस्टेमाइन्स और डिकंजेस्टेंट और लंबे समय के अस्थमा के लिए इनहेलर और लंबे समय की एलर्जी से बचाव के लिए इम्युनोथैरेपी आदि। हालांकि इनमें से कुछ दवाएं बिना डॉक्टर की सलाह के मिल जाती हैं लेकिन अपने और अपने बच्चे के सुरक्षित व सर्वोत्तम इलाज के लिए किसी विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

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