मोटापे का शिकार भारत का बचपन


Photo: Giuliofornasar | Dreamstime.com

Photo: Giuliofornasar | Dreamstime.com

भारत में दो भारत बसने का एक और नमूना सामने आया है। एक तरफ भारत की 40 फीसदी आबादी कुपोषण की शिकार है तो दूसरी तरफ, बच्चों में मोटापे की समस्या बढ़ रही है। दि नेशनल डायबिटीज़, ओबेसिटि एंड कॉलेस्ट्रॉल फाउंडेशन ने अनुमान लगाया है कि मुंबई के निजी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों में से 33.9 फीसदी और सरकारी स्कूलों में 8.4 फीसदी छात्र मोटापे के शिकार हैं। अगर समय रहते बच्चों की इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वयस्क होने पर वे गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के शिकार हो सकते हैं।

मोटे बच्चे ब्लड वेसेल नष्ट होने और इंसुलिन प्रतिरोधी विकसित होने जैसी समस्याओं के शिकार जल्दी होते हैं। उन्हें जोड़ों की तकलीफ, सामाजिक व मनोवैज्ञानिक समस्याएं और आत्मविश्वास संबंधी समस्याएं होने के मौके भी बढ़ते हैं। मोटे बच्चे ज़्यादातर ओवरवेट वयस्क बनते हैं जिन्हें दिल की मारियां, कैंसर और डायबिटीज़ जैसे रोग घेर सकते हैं।

अपने बच्चे को इस खतरे से दूर रखने के लिए महत्वपूर्ण है कि आप उसमें स्वास्थ्यवर्धक आदतें डालें। सबसे पहले, अपने बच्चे को निष्पक्ष रूप से देखें कि उसमें यह समस्या है कि नहीं। अक्सर अभिभावक अपने बच्चे को ओवरवेट मान नहीं पाते। अगर आपका बच्चा कुछ सीढ़ियां चढ़कर या थोड़ा सा दौड़कर हांफने लगता है और अगर उसकी कमर के आसपास चर्बी ज़्यादा है तो यह आपके चेतने का समय है।

अपने बच्चे की आलोचना न करें। वे किसी भी अव्यावहारिक कारण से अपना वज़न कम करने के प्रति जागरूक नहीं होंगे क्योंकि ज़्यादा वज़न से उन्हें बेहतर महसूस होता है। बच्चे के भोजन में कमियां निकालने से अच्छा है कि परिवार के तौर पर उसे लाइफस्टाइल बदलने के लिए प्रेरित किया जाये। बाहर खाना कम करके, प्रोसेस्ड भोजन में कटौती करके और भोजन में पोषक आहार कैसे चुना जाये, यह समझाकार अपने बच्चे को प्रेरित करने की कोशिश करें।

भोजन के अतिरेक को रोकने के लिए आप बच्चे को नियमित रूप से सेहतमंद भोजन दें और ट्रीट्स को कम करें। स्वादिष्ट ट्रीट को आम तौर पर न पाकर आपके बच्चे को सेहतमंद भोजन खाने की आदत होनी चाहिए। बीच-बीच में लगने वाली भूख के लिए घर पर ही हेल्दी स्नैक्स जैसे उबली सब्ज़ियां आदि रखें ताकि टीवी देखते या खेलते समय अनियंत्रित भोजन के दौरान उसके स्वास्थ्य पर बुरा असर न पड़े।

पर्याप्त व्यायाम मोटापे से बचने का एक और तरीका है। व्यायाम से न केवल कमर की चरबी छंटती है बल्कि तनाव भी कम होता है जो मोटापे का कारण है। अच्छे भोजन के साथ ही व्यायाम भी बहुत ज़रूरी है जिससे आपका बच्चा मोटापे से दूर एक स्वस्थ शरीर प्राप्त कर सकता है।

यदि आप इस लेख में दी गई सूचना की सराहना करते हैं तो कृप्या फेसबुक पर हमारे पेज को लाइक और शेयर करें, क्योंकि इससे औरों को भी सूचित करने में मदद मिलेगी ।

Leave a comment

Your email address will not be published.