मौसम के अनुसार वस्‍त्रों के संबंध में माता पिता हेतु दिशानिर्देश : ग्रीष्‍म काल


भारत में गर्मियों के मौसम की अवधि फरवरी से जुलाई के दौरान लगभग 3 से 5 माह की होती है । उत्‍तर भारत के कुछ भागों में तापमान 50 डिग्री सेल्यिशस तक पहुंच जाता है तथा विशेषकर तटीय क्षेत्रों में आर्द्रता का स्‍तर काफी तकलीफदेह हो जाता है । तथापि , उचित सावधानी बरतकर इस अवधि के दौरान बच्‍चों को सुखद एवं बीमारियों से मुक्‍त वातावरण में रखा जा सकता है ।

आपके पास भले ही शिशु हो या फिर छोटा बच्‍चा अथवा किशोर बालक हो – आप नीचे दिए गए परामर्श आजमाकर गर्मियों के मौसम में भी अपने बच्‍चों को शीतल वातावरण में रख सकते हैं ।

  • उन्‍हे शीतल रखने के लिए सूती वस्‍त्र पहनाएं जिससे उनके शरीर तक अच्‍छी प्रकार से हवा पहुंच सके । लड़कों के लिए शार्ट्स, लूज फिटिंग वाली कैपरी पैंट तथा हल्‍की टी-शर्ट अच्‍छी रहेगी । लड़कियों को सूती फ्रॉक, टी-शर्ट शार्ट्स / ट्रैक पैंट पहनाए जा सकते हैं । इन वस्‍त्रों से उन्‍हें पसीना कम आएगा तथा असहनीय गर्मी भी कम लगेगी एवं उन्‍हें रैशिस (अंधौरियां) इत्‍यादि भी नहीं होगीं । बच्‍चों के लिए अनेकों र्स्‍पोटी कपड़ों के विकल्‍प भी उपलब्‍ध हैं जिनसे उन्‍हें सूरज की तपती धूप से बचाया जा सकता है । ये विकल्‍प चूंकि मंहगे होते हैं अत: इनकी व्‍यवस्‍था आपके बजट पर निर्भर करती है ।
  • छोटे बच्‍चों के सिर सन हैट से ढके जाने चाहिए । बड़े बच्‍चों को सूरज की तपती धूप से बचाव के लिए टोपी पहनाई जा सकती है । बच्‍चों के लिए सैंडिल अथवा स्‍लीपर्स जैसे हल्‍के तथा आरामदेह फूटवीयर अच्‍छे रहेगें क्‍योंकि इनसे पैरों पर पसीना कम आएगा और पसीने से आने वाली बदबू जैसी स्थिति भी उत्‍पन्‍न नहीं होगी ।
  • बच्‍चे जब बाहर खेलना चाहें तो यह सुनिश्‍चय कर लें कि वे सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक की भयंकर गर्मी के दौरान बाहर न खेलें । इस समय के दौरान अल्‍ट्रा वायलेट (पराबैंगनी) किरणों का स्‍वरूप काफी हानिकारक होता है और इनकी गर्मी से बच्‍चों को लू लग सकती है ।
  • तैराकी अथवा अन्‍य स्‍पर्शनीय खेल जैसे फुटबाल इत्‍यादि खेलने वाले बच्‍चों को 15-30 एसपीएफ की सनस्‍क्रीन पहनकर ही ये खेल खेलने चाहिए । इससे उच्‍चतर एसपीएफ से बेहतर सुरक्षा नहीं हो सकती है । बच्‍चों के लिए प्रमाणित एन्‍टी-एलर्जिक गुणों से युक्‍त ब्रांड ही प्रयोग में लाए जाने चाहिए । अपने बच्‍चों के लिए धूप की तपन से बचाव वाले किसी लोशन का प्रयोग करने से पूर्व कृपया बाल चिकित्‍सक से अवश्‍य परामर्श किया करें ।
  • यदि आप कोई सुझाव देना चाहते हैं तो कृपया नीचे दिए खाली स्‍थान का प्रयोग करें ।

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