बच्चे की सेहत के लिए अति परवरिश नुकसानदायक हो सकती है


बच्चे धूप में खेलना चाहते हैं । Photo: R.M. Nunes

बच्चे धूप में खेलना चाहते हैं । Photo: R.M. Nunes

हाल ही में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार जो अभिभावक अपने बच्चों की जिंदगी में बहुत ज्यादा दखल रखते हैं वह संभवत: उनके शारीरिक विकास को बाधित करते हैं जिससे उनका नुकसान होना स्वाभाविक है । प्रस्तावना रूप से कहा जाए तो बच्चों की सेहत और भावपूर्ण तंदुरुस्ती के लिए शारीरिक फुर्ती व कुशाग्रता का होना अनिवार्य है, अनुसंधानकर्त्ताओं ने बच्चों की परवरिश में अभिभावकों की और से अपनाए गए हेलीकॉप्टर,छोटा राजकुमार, टाइगर मां और मिश्रित सभ्यता जैसे आधुनिक तरीकों का उनकी शारीरिक कुशाग्रता पर होने वाले प्रभाव का अध्ययन किया । इन सभी तरीकों से परवरिश करने में अभिभावकों की ओर से की गई सख्ती/अति माना जाता है ।

हेलिकॉप्टर अभिभावक अपने बच्चे को किसी भी प्रकार के खतरे से बचाना चाहते हैं और बच्चे के सामने आने वाली सभी प्रकार की समस्याओं को हल करने में दिलचस्पी रखते हैं । टाइगर मां की तरह की परवरिश में अभिभावक अपने बच्चों से उच्च लक्ष्य प्राप्ति की आशा रखते हैं और आश्चर्यजनक परिणाम प्राप्त करने के लिए अत्यधिक प्रयंत्न करते रह्ते हैं । मिश्रित सभ्यता का अभिप्राय है कि बच्चे को श्रेष्ठ बनाने के चाह में वे एक समय में पाठ्यक्रम संबंधी बहुत सी अतिरिक्त‌-गतिविधियों में भाग लेने पर जोर देते हैं ।

अनुसंधानकर्त्ताओं ने अपने अध्ययन में पाया कि जिन अभिभावको ने अपने बच्चों की केवल ओसत स्तर के स्टाइल से परवरिश की उनकी तुलना में जिन अभिभावको ने अपने बच्चों की हल्के स्तर के स्टाइल की परवरिश की उनके बच्चों ने प्रति सप्ताह शारीरिक सक्रियता में कम भाग लिया । शारीरिक सक्रियता की परिभाषा में न केवल घर के आउटडोर खेले जाने वाले खेल शामिल होते हैं बल्कि स्कूल, दूसरे घरों या दुकानों में पैदल जाना या साइकिल से जाना और सुनियोजित खेल भी शामिल होते हैं ।

हेलिकॉप्टर परवरिश का शारीरिक सक्रियता के स्तर पर कितना अस्रर होता है इस संबंध में लेखक कुछ भी स्पष्ट नही कर पाया । यह अप्रत्याशित निष्कर्ष सामने आया है कि जैसे ही मिश्रित सभ्यता की परवरिश के स्तर में वृद्धि होती है सुनियोजित खेलों पर व्यतीत किए गए समय में कमी आ जाती है । परंतु टाइगर मां जैसे जिन अभिभावको ने अपने बच्चों को जिन्हें दौड में अब्बल बनने के लिए तैयार किया था उन्होंने अन्य प्रकार के अति-परवरिश करने वाले अभिभावको के बच्चों से कहीं अधिक समय सुनियोजित खेलों पर व्यतीत किया ।

हेलिकॉप्टर परवरिश और शारीरिक सक्रियता के बीच के संबंध की कमी का अर्थ शायद अनुसंधानकर्त्ता किसी संबंध की खोज कर रहे थे परंतु उन्हें कोई संबंध नही मिला । इस बात पर भी विश्वास करना कठिन है कि यदि अभिभावक अपने बच्चों को अशारीरिक सक्रियता जैसे शिक्षण,संगीत या कला आदि में कई घंटों के लिए व्यस्त रखते हैं तो उनके पास शारिरिक सक्रियता के लिए समय नही बचेगा ।

चूंकि परवरिश करने में अभिभावकों की ओर से की गई अत्याधिक अति का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना होता है कि बच्चे अपने जीवन में सफल हो जाएं, यदि यह निष्कर्ष किसी तरह से नुकसानदायक हो तो भी कभी-कभी अप्रत्याशित लगता है । परंंतु अनुसंधानकर्त्ता किसी ऐसे ही परिणाम की तालाश ,में थे, इस संबंध में उनका कहना है “जिन बच्चों की परवरिश करने में अभिभावक अत्याधिक अति करते हैंं उन बच्चों के पास अपना होमवर्क करने और पाठ्यसंबंधी गतिविधियों को पूरा करने के अलावा शारीरिक सक्रियता के लिए सीमित समय होता है । ” अति परवरिश की अन्य विशेषता बच्चों के प्रति अभिभावकों का अत्याधिक रक्षात्मक रवैया होता है जिसके कारण भी यह तय करने की समय सीमा कम हो जाती है कि बच्चे कितनी देर घर से बाहर खेलेंगे और कितनी देर वे अपनी मर्जी से किसी अन्य गतिविधी में भाग लेंगे ।

यूएस या कनाडा में रेहने वाले 7‌‌‌-12 साल के बच्चों के अभिभावक जिन्होंने इनटरनैट सर्वे में भाग लेने की सह्मति दी उनका अध्ययन किया गया, इसलिए आमतौर पर परिणाम लागू नही होंगे । अध्ययन के अन्य बहुत से पहलू और इस दौरान पुछे गए प्रश्न भारत में लागू नही होंगे उदाहरण के तौर पर ड्राईविंग की गलत आदतें और सडकों की बुरी दशा का मतलब है कि केवल आर्थिक जरूरत या अन्य परिवहन व्यवस्था में कमी होने पर बच्चों को स्कूल जाने के लिए साईकिल का इस्तेमाल करना पडेगा।

दूसरी और भारतीय अभिभावकों को इस बात की बहुत चिंता नही होती कि उनके बच्चे कालेज कैसे जाएंगे क्योंकि स्कूल समाप्त होने पर कई बार अतिरिक्त कक्षाएं भी लगती हैं । इस अध्ययन से अभिभावकों को यह संदेश लेना चाहिए कि यह सुनिश्चित करने के लिए जैसे वे सब कुछ करने के लिए तैयार रहते हैं कि उनके बच्चे सफल हों तो उन्हें यह भी देखना चाहिए कि उनके ब्च्चों के पास कुछ अतिरिक्त समय हो जिसे वे आउटडोर खेलों में व्यतीत करें, और जहां तक संमभव हो पैदल या साईकिल पर घूमें या यथा संमभव सुनियोजित खेलों में भाग लें ।

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