सेहत और दोस्ती के लिए फायदेमंद है ‘ऑसम’


Awesome is good for health and friendship

Photo: Filip Put

जब भी आप किसी अद्भुत क्षण में दांतों तले उंगलियां दबाने का भाव महसूस करते हैं तो इससे आपको स्वास्थ्य और मित्रता के दृष्टिकोण से कई लाभ भी होते हैं। कई अध्ययनों में शोधकर्ताओं नो पाया है कि किसी अद्भुत क्षण का अनुभव करने से रिश्ते मज़बूत होते हैं, लोगों में दया, उपकार और विनम्रता की भावना विकसित होती है।

अध्ययनों के अनुसार, इस तरह के अनुभवों से सामाजिक व्यवहार में सकारात्मक वृद्धि होती है। इससे हम दयालु और अधिक विनम्र हो सकते हैं। ऐसे अनुभवों से दया, विश्वास और संलग्नता की प्रवृत्ति भी बढ़ती है – जो दूसरों के साथ हमारे बेहतर रिश्ते में मदद करती है।

वॉल स्ट्रीट जर्नल में परिभाषित किया गया है कि यह अनुभव वाकई में साधारण से हटकर किसी बात या चीज़ के प्रति उत्पन्न होने वाली भावनात्मक प्रतिक्रिया है जिसे अंग्रेज़ी में ऑसम शब्द दिया जाता है। इस भावना के पैदा होने का कारण है कि जब कोई बात या चीज़ हमारे पूर्वाग्रहों को ध्वस्त कर हमारे मन में नयी संभावनाओं या विचारों को उद्धेलित करती है, तब यह आश्चर्य मिश्रित आनंद होता है। आप इस तरह की भावना किसी प्राकृतिक दृश्य को देखते हुए, किसी संगीत सभा को सुनते हुए और अपनी पसंदीदा टीम का बेहतर खेल देखते हुए महसूस कर सकते हैं। अन्य घटनाओं में भी यह अनुभव संभव है।

यूनिवर्सिटि ऑफ कैलिफोर्निया, बर्कले स्थित बर्कले सोशल इंटेरेक्शन लैब के निदेशक डाशर केटनर हाई स्कूल के 56 छात्रों के समूह पर शोा करते रहे हंग कि क्या वे प्रेरक अनुभवों के कारण अपने अकादमिक प्रदर्शन में लाभ पाते हैं। सिएरा क्लव के सहयोग से संचालित इस प्रोजेक्ट के तहत बच्चों को एक राफ्टिंग ट्रिप पर ले जाया गया। शुरुआती नतीजे ये मिले कि कुछ ही दिनों में ये बच्चे दुनियावी मामलों में ज़्यादा जिज्ञासु और संलग्न थे।

केटनर के दूसरे प्रोजेक्ट में पाया गया कि ऑ भावना के कारा जलन में भी कमी आती है। सौ से अधिक अंडरग्रेजुएट छात्रों को सात सकारात्मक भावनाओं – इनमें से एक ऑ भी था – की आवृत्ति दर्ज करने को कहा गया। पाया गया कि जिन छात्रों ने सबसे ज़्यादा इस भावना का अनुभव किया, उनके सलाइवा में जलन कम पाई गई। इस अध्ययन की प्रमुख जेनिफर स्टेलर ने कहा कि ‘‘मान सकते हैं कि ऑ के कारण कई फायदे होते हैं।’’

यूनिवर्सिटि ऑफ कैलिफोर्निया, इरविन में मनोविज्ञान के सह प्राध्यापक पॉल पिफ ने पाया कि इस अद्भुत अनुभव की यादों को लिखने से ही व्यक्ति में दया और सहानुभूति के गुण पनप सकते हैं। उनके अध्ययन में पाया गया है कि उन लोगों की तुलना में जो सामान्य वीडियो देखते हैं, वे लोग जो अद्भुत प्राकृतिक दृश्यों से गुज़रते हैं, वे ज़्यादा दयालु होते हैं।

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