गर्भ के दौरान हार्टबर्न में आराम के लिए 9 उपाय


गर्भ के दौरान हार्टबर्न में आराम के लिए 9 उपाय

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गर्भवती माताओं के लिए गर्भधारण का समय मुश्किलों भरा हो सकता है, खासकर जब पहली बार हो, क्योंकि परेशान करने वाले हर लक्षण से यही चिंता होती है कि अजन्मे शिशु को तो कोई खतरा नहीं है। ऐसा ही एक लक्षण है हार्टबर्न इसे एसिड रीफ्लक्स भी कहते हैं- जो महिलाओं में अक्सर देखा जाता है।

वास्तव में यह गैर आरामदेह संवेदनाओं का पहला अनुभव होता है, जिससे चिंता और डर पैदा होता है। गर्भ के दौरान हार्टबर्न की शिकायत होती है जो तकलीफदेह तो है लेकिन अक्सर नुकसानदेह नहीं होता।

महिलाओं के शरीर में होने वाले हॉर्मोनल और शारीरिक बदलावों के कारण हार्टबर्न होता है। गर्भ के लिए मांसपेशियों को ढीला करने में मददगार हॉर्मोन के कारण एसोफेगस, एक नली जो पेट को गले से जोड़ती है, में उत्पन्न अमाशय अम्ल को संग्रहित करने वाले वॉल्व में भी आराम होता है। इसी समय, जब अजन्मा शिशु पेट में उछलता है तो एसिड भी उछलता है। यह एसिड एसोफेगस को परेशान करता है और इसका परिणाम गले के निचले हिस्से से लेकर ब्रेस्टबोन तक जलन का एहसास होता है। एसिड के उछलने के कारण खट्टा और कड़वा स्वाद मुंह में महसूस होता है।

गर्भवतियों को गर्भ के उत्तरार्ध में अक्सर हार्टबर्न और अपच की शिकायत होती है जबकि कुछ को पूर्वार्ध में भी हो सकती है। अगर आप गर्भवती है और और हार्टर्न की शिकायत है तो इससे छुटकारा संभव है। कुछ मामूली बदलावों और चिकित्सकीय इलाज से संबंधित यहां कुछ सुझाव दिये जा रहे हैं, जो मददगार हैं:

  1. ट्रिगर फूड से बचें: सामान्य रूप से मसालेदार और तला हुआ भोजन पेट में एसिड के स्तर को बढ़ता है, कुछ महिलाओं को यह पसंद नहीं होता लेकिन कई को होता है। कैफीनयुक्त पेय, अल्कोहल, साइट्रस फल और रस भी एसिड बढ़ाते हैं।
  2. पानी खूब पिएं: पानी से पाचन में मदद होती है और पेट की अम्लीयता घटती है। थोड़ा-थोड़ा पानी कई बार पिएं। खाने के पहले और बाद में ज़रूर पानी पिएं, खाने के दौरान नहीं ताकि आप ज़रूरत से ज़्यादा न खाएं।
  3. दिन में तीन बार खाएं: छोटे-छोटे हिस्सों में भोजन करें और दिन में तीन बार भोजन करने से शरीर को पाचन का समय मिलता है और एसिड रीफ्लक्स में कमी आती है।
  4. खाने का समय इस हिसाब से तय करें कि सोने के समय से तीन घंटे पहले तक पानी के अलवा कुछ भी खाएं-पिएं नहीं।
  5. खाने के तुरंत बाद न लेटें: बैठें, खड़े रहें या आराम से टहलें या छोटे-मोटे काम करें। आगे झुकने वाले काम न करें ताकि पेट पर दबाव न पड़े।
  6. आरामदायक, ढीले कपड़े पहनें ताकि पेट के हिस्से पर कोई दबाव न पड़े।
  7. अगर रात में हार्टबर्न की शिकायत रहती है तो ऑर्सो प्रॉप-अप के साथ सोने से आराम मिल सकता है। सामान्य रूप से बिना प्रेस्क्रिप्शन के भी वे एंटेसिड लिये जा सकते हैं जिनमें कैल्शियम या मैग्नीशियम होता है।
  8. अगर किसी प्रकार से आराम नहीं मिलता तो डॉक्टर से सलाह लेकर इलाज करवाएं।
  9. डिस्क्लेमर: अगर आप इसके संबंध में किसी प्रकार के मेडिकेशन ले रहे हैं तो पहले अपने डॉक्टर से इस बारे में बात कर लें।

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