पपी चुनते वक्त ध्यान रखने लायक 9 टिप्स


पपी चुनते वक्त ध्यान रखने लायक 9 टिप्सजब आपने एक नये कुत्ते को घर लाने का निर्णय कर लिया है और उसकी नस्ल आदि का भी चयन कर लिया है तब आपको बस उसकी उपलब्धता खोजनी है। नये कुत्ते की यह खोज एक ज़िम्मेदार ब्रीडर या अन्य विक्रेताओं को तलाशने शुरू होती है। फिर आपको पपी का परीक्षण करना होता है और अपने लिए एक चुनना होता है। पपी का चयन करते समय इन 9 टिप्स को ध्यान में रखें।

पॅट स्टोर से बचें: पूरी दुनिया में एक ज़िम्मेदार ब्रडीर को खोज पाना मुश्किल काम है क्योंकि कई जालसाज़ ब्रीडर और मध्यस्थ हैं जो बेचे जाने वाले पशुओं की ठीक देखभाल नहीं करते हैं और ज़्यादा लाभ के लालच में गलत ढंग से ज़्यादा पपी पैदा करवाते हैं। ऐसे कई पपी पॅट स्टोर में ही रह जाते हैं। हो सकता है ऐसे स्टोर में रखे कुछ पपी को देखकर आपका मन ललचा जाये या उन्हें देखकर प्यार उमड़ पड़े लेकिन बाद में कई समस्याएं हो सकती हैं।

अभिभावक से मिलें: हमेशा यह सलाह दी जाती है कि जहां से भी पपी लें, वहां उस पपी के अभिभावकों से, खास तौर से उसकी मां से ज़रूर मिलें। इस सुझाव पर अमल करके आप जान सकते हैं कि उस पपी को उसकी मां या सहोदरों से बहुत जल्दी अलग नहीं किया गया है क्योंकि ऐसा होने पर पपी का लोगों और दूसरे कुत्तों के साथ व्यवहार ठीक नहीं होता है। ब्रीडर या विक्रेता की इस बात से सहमत न हों कि पपी के अभिभावक उपलब्ध नहीं हैं – इसका अर्थ यह होता है कि पपी को शायद लंबे समय से उसके अभिभावकों से दूर रखा गया है।

इंपल्सिव न हों: अक्सर आपके लिए मुश्किल होता है कि आप सहमे-सकुचाए हुए पपी को छोड़कर चले जाएं, आप उसे घर लाना चाहते हैं। लेकिन ध्यान रखें कि आपको अपने पपी के साथ लंबे समय तक रहना है इसलिए उसके चयन के समय उसके बैकग्राउंड को ठीक ढंग से समझ लें। और किसी पपी को बहुत कम उम्र में घर लाने से, जब उसने अपने सहोदरों के साथ थोड़ा विकास और संबंध स्थापित नहीं किया है, हो सकता है उसमें स्वास्थ्य व व्यवहार संबंधी समस्याएं दिखें।

लिविंग कंडीशन चेक करें: जो पपी अच्छे वातावरण में पाले जाते हैं उनका व्यवहार बेहतर होता है। इसके लिए आप ब्रीडर द्वारा दिया गया माहौल जांचें। सर्वोत्तम यही है कि पपी को इनडोर देखभाल बेहतर मिली हो।

दुर्लभ नस्ल जांचें: अगर आप किसी दुर्लभ नस्ल के लिए बड़ी राशि खर्च कर रहे हैं तो हमेशा पपी की मां से मिलें और सुनिश्चित करें कि सारे कागज़ात सही हैं। किसी विशेषज्ञ से कागज़ात की जांच करवाकर पता करें कि सब वैधानिक है।

विश्वसनीयता जाचें: हमेशा प्रतिष्ठित ब्रीडरों से ही पपी खरीदें। अन्य पपी मालिकों से उनके अनुभव जानें और उनकी सिफारिशों पर अमल करें।

अतिउत्तेजित पपी पर नज़र रखें: कुछ पपी ऐसे होते हैं तो ध्यान चाहने के लिए अति उत्तेजित व्यवहार करते हैं और इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वे किसके साथ ऐसा कर रहे हैं। यह उनकी पर्सनैलिटि का एक पहलू है और अगर आप बहुत अनुभवी नहीं हैं तो ऐसे कुत्ते को ट्रेन कर पाना आपके लिए मुश्किल होगा।

और डरा सहमा हुआ पपी: बहुत ज़्यादा सहमा या डरा हुआ कुत्ता लेना भी ठीक नहीं है – हो सकता है उसके पालन में कोई दोष रहा हो। ऐसे पपी को शारीरिक या व्यावहारिक समस्याएं हो सकती हैं। बेहतर है कि आप ऐसे पपी का चयन न करें जो समय से पहले ही आपका साथ छोड़ दे।

एक साथ दो नहीं: अगर आप दो कुत्ते लेना चाहते हैं तो एक साथ न लें। आप सोचते हैं कि दो सहोदर पपी एक साथ लेना अच्छा विचार है लेकिन अक्सर इसका परिणाम यह होता है कि एक-दूसरे पर निर्भरता बढ़ जाती है और पपी को लागों व दूसरे कुत्तों के साथ व्यवहार संबंधी समस्याएं होती हैं।

यदि आप इस लेख में दी गई सूचना की सराहना करते हैं तो कृप्या फेसबुक पर हमारे पेज को लाइक और शेयर करें, क्योंकि इससे औरों को भी सूचित करने में मदद मिलेगी ।

Leave a comment

Your email address will not be published.