ज़ुकाम – क्या एंटीबॉयोटिक और दूसरी दवाईयां सहायता करती हैं?


क्या एंटीबॉयोटिक ज़ुकाम का उपचार करेगा?

एंटीबॉयोटिक ज़ुकाम या किसी दूसरे रोग, जैसे फ्लु, जो विषाणु के द्वारा होता है के विरूद्ध काम नहीं करेगा। अगर सर्दी ने दूसरे संक्रमणों के लिये मार्ग खोल दिया है जो बैक्टीरिया के द्वारा होते हैं, जैसे कि कानों का संक्रमण, साइनस का संक्रमण या ब्रोंकाइटिस या न्युमोनिया तब डॉक्टर कोई एंटीबॉयोटिक लिखकर दे सकता है। अगर आपका डॉक्टर एंटीबॉयोटिक लिखकर देता है, तब उससे यह अवश्य पूछें कि क्या यह बैक्टीरिया के संक्रमण के लिये है, और अगर बैक्टीरिया का संक्रमण नहीं है तो एंटीबॉयोटिक का प्रयोग ना करें।

जब एंटीबॉयोटिक्स की आवश्यकता ना हो तब उनका सेवन करना समय के साथ व्यक्ति को नुकसान पहुंचा सकता है चूंकि बैक्टीरिया जो एंटीबॉयोटिक के प्रति प्रतिरोधी होते हैं शरीर में एकत्र होने लगेंगे। भारत और पूरे विश्व में एंटीबॉयोटिक रेज़िस्टैंट इलनेस को लेकर चिंता बढती जा रही है। भारत में ट्युबरक्लोसिस के एक रूप की पहचान की गई है जो सभी एंटीबॉयोटिक्स के लिये प्रतिरोधी है, इसका अर्थ है कि जो लोग इस रोग से संक्रमित हैं उनके लिये कोई उपचार उपलब्ध नहीं है।

क्या विटामिन सी ज़ुकाम का उपचार करेगा? क्या घरेलू उपचार समाधान हैं?

शोध अध्ययनों में यह बात सामने नहीं आई है कि प्रतिदिन विटामिन सी का सेवन करने से ज़ुकाम की रोकथाम की जा सकती है, लेकिन कुछ लोगों में इसके सेवन से इसकी गंभीरता और अवधि कम हो जाती है। दवाईयों की दुकानों पर कईं हर्बल दवाईयां भी उपलब्ध हैं, और कईं लोगों के अपने स्वयं के घरेलू नुस्खे भी हैं। लेकिन अब तक किसी वैज्ञानिक अनुसंधान ने यह नहीं बताया है कि ज़ुकाम को रोकने या तुरंत ठीक करने में यह प्रभावकारी है, लेकिन यह भी है कि सभी पदार्थों और उपचारों पर व्यवस्थित रूप से अनुसंधान नहीं किया गया है। अगर आपके पास कोई घरेलू उपचार है जिसका उपयोग पीढ़ियों से किया जा रहा है, संभवत: यह कोई नुकसान नहीं करेगा, यद्यपि यह अधिक अच्छा रहेगा कि बच्चों इन्हें बच्चों को देने से पहले डॉक्टर की राय अवश्य ले लें।

यहां तक कि यूकेलिप्टस ऑयल, मेंथॉल (मिर्च में पाया जाता है) और कपूर का “जांचा-परखा” मिश्रण भी दो साल से छोटे बच्चों के लिये हानिकारक हो सकता है अगर इसका उपयोग केवल त्वचा पर किया जाये तब भी। छह साल से छोटे बच्चों को यह मिश्रण कतई नहीं खिलाना चाहिए। कपूर से बच्चों को दौरे पड़ सकते हैं।

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