आप क्या सुनते हैं, इस पर आश्रित है आपका स्वाद


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अगर आप एक उड़ान में जाते हैं और भेंटस्वरूप ड्रिंक पाते हैं, या इस ड्रिंक के लिए पैसे देते हैं और चाहते हैं कि कीमत वसूल हो तो आपको क्या ऑर्डर करना चाहिए? कॉर्नेल यूनिवर्सिटि के शोधकर्ताओं ने इसका जवाब दिया: उमामी! ‘उह मॉमी’ नहीं, उमामी। या सिर्फ टमाटर का रस।

उमामी एक जापानी शब्द है जिसका अर्थ है ‘खुशनुमा नमकीन स्वाद’। ग्लूटामेट, मोनो-सोडियम ग्लूटामेट में भी पाया जाने वाला एक प्राकृतिक पदार्थ, के स्वाद के लिए यह वैज्ञानिक रूप से मान्य शब्द है। वैज्ञानिकों ने खोजा है कि जब हवाईजहाज़ का शोर 85 डेसीबल से ज़्यादा होता है तब लोगों की मिठास के प्रति संवेदनशीलता घट जाती है और उमामी के प्रति बढ़ जाती है। और यह भी कि टमाटर में उमामी ज़्यादा पाया जाता है। तो जब उड़ान में हों, तो लोगों को मिठास वाले ड्रिंक छोड़कर टमाटर का रस ऑर्डर करना चाहिए और अल्कोहल चाहते हैं तो ब्लडी मैरी।

इस खोज से इस बात की संभावना बढ़ी है कि हवाईजहाज के भोजन को और स्वादिष्ट कैसे बनाया जाये ताकि सभी उसका सेवन कर सकें। वास्तव में, कुछ एयरलाइन्स पहले ही इस तथ्य को समझ चुकी हैं। जर्मन एयरलाइन लुफ्तहांसा ने गौर किया कि यात्री अधिकतर मांगे जाने वाले पेय बीयर की अपेक्षा टमाटर के रस की अधिक मांग कर रहे हैं तो उन्हें अचंभा हुआ। तो, एयरलाइन ने अपना एक अध्ययन किया जिसमें पाया गया कि कैबिन दबाव के कारण टमाटर के रस का स्वाद भाता है। कॉर्नेल के शोध के अनुसार यह वास्तव में शोर ही है।

कॉर्नेल में फूड साइंस के असिस्टेंट प्रोफेसर रॉबिन डैंडो ने कहा कि ‘‘हमारे अध्ययन में स्पष्ट हुआ है कि ज़्यादा शोर वाले वातावरण में हमारे स्वाद संबंधी संवेदन में बदलाव होता है। दिलचस्प यह है कि, यह मीठे और उमामी स्वाद से संबंधित है, जहां मीठे स्वाद का संवेदन कम होता है वहीं उमामी स्वाद के प्रति बढ़ जाता हैं हम जहां भोजन करते हैं, उस वातावरण के मल्टीसेंसरी गुणों के कारण हमारे द्वारा लिये जा रहे भोजन के प्रति हमारा परसेप्शन भी बदलता है।’’

लोगों को पहले भी यह पता रहा है कि एक फ्लेवर के प्रति परसेप्शन केवल भोजन या पेय पर निर्भर नहीं है बल्कि उसकी गंध पर भी है। अगर आप ठंड के शिकार हैं और आपकी नाक बंद है तो उसी भोजन का स्वाद कुछ और महसूस होता है। अब यह पता चल रहा है कि ध्वनि भी फ्लेवर परसेप्शन को प्रभावित करती है।

डैंडो का कहना है कि ‘‘हमारे नतीजों में एक सटीक संवेदन अंतर्संबंध उजागर हुआ, जो दिलचस्प अवधारणाओं संबंधित है कि हम जिस वातावरण में भोजन ग्रहण करते हैं, उसका क्या असर होता है।’’

दूसरे शब्दों में, किसी दिन ऐसा हो सकता है कोई रेस्तरां या एयरलाइन प्रकाश, ध्वनि और तापमान को नियंत्रित करने लगे ताकि हम जो भोजन ग्रहण कर रहे हैं, उसका स्वाद अनुकूल हो।

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